श्री राम और भक्त-Shri Ram and Bhakt

बहुत साल पहले की बात है। एक आलसी लेकिन भोलाभाला युवक था आनंद। दिन भर कोई काम नहीं करता बस खाता ही रहता और सोए रहता। घर वालों ने कहा चलो जाओ निकलो घर से, कोई काम धाम करते नहीं हो बस पड़े रहते हो। वह घर से निकल कर यूं ही भटकते हुए...

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बीरबल ने चोर को पकड़ा Birbal caught the Thief

एक बार राजा अकबर के प्रदेश में चोरी हई। इस चोरी में एक चोर नें एक व्यापारी के घर से बहुत ही कीमती सामान चुरा लिया था। उस व्यापारी को इस बात पर तो पूरा विश्वास था कि चोर उसी के 10 नौकरों में से कोई एक था पर वह यह नहीं जानता था...

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100 की कीमत |100-ki-keemat

100-ki-keemat बाहर बारिश हो रही थी और अन्दर क्लास चल रही थी, तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम सभी को 100-100 रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ?.किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा, किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा, किसी ने कहा कि मैं...

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जानें मन के तीन आयाम

मन की प्रकृति ही ऐसी है कि वो हर चीज़ को टुकड़ों में दिखाता है। अगर हम जागरूकता से इस विभाजन को मिटा दें, तो हम वास्तविकता के संपर्क में आ जाएंगे। अपने जीवन में लोग सोचते अधिक हैं और आनंदित कम होते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिये। आपका मन समाज का बस कूड़ा...

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एक संकल्प – परम को पाने का सरल उपाय

हम अक्सर जीवन में इच्छाएं करने से पहले यह सोचने लगते हैं कि क्या यह संभव हो पाएगा? असल में आप हर वो चीज पा सकते हैं जिसे आप पाना चाहते हैं। जानते हैं कि कैसे एक संकल्प हमें परम तत्व तक ले जा सकता है अगर आप अपने आसपास की दुनिया के मानवीय...

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Compassionate King | दयालु राजा

भावनगर के राजा एक बार गर्मियों के दिनों में अपने आम के बागों में आराम कर रहे थे और वह बहुत ही खुश थे की उनके बागों में बहुत अच्छे आम लगे थे और ऐसे ही वो अपने खयालों में खोये हुए थे । तब वहाँ से एक ग़रीब किसान गुज़र रहा था और...

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हथौड़ा और चाबी

नैतिक शिक्षा देती हिंदी कहानी शहर की तंग गलियों के बीच एक पुरानी ताले की दूकान थी। लोग वहां से ताला–चाबी खरीदते और कभी–कभी चाबी खोने पर डुप्लीकेट चाबी बनवाने भी आते। ताले वाले की दुकान में एक भारी–भरकम हथौड़ा भी था जो कभी–कभार ताले तोड़ने के काम आता था।  हथौड़ा अक्सर सोचा करता...

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हम क्या खोज रहे हैं

नरसी मेहता जी के जीवन की एक घटना आप सभी महानुभावों को अर्पित है। एक बार नरसी जी का बड़ा भाई वंशीधर नरसी जी के घर आया।पिता जी का वार्षिक श्राद्ध करना था। वंशीधर ने नरसी जी से कहा :- ‘कल पिताजी का वार्षिक श्राद्ध करना है।कहीं अड्डेबाजी मत करना बहु को लेकर मेरे...

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जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि

एक बार राजा भोज की सभा में एक व्यापारी ने प्रवेश किया। राजा भोज की दृष्टि उस पर पड़ी तो उसे देखते ही अचानक उनके मन में विचार आया कि कुछ ऐसा किया जाए ताकि इस व्यापारी की सारी संपत्ति छीनकर राजकोष में जमा कर दी जाए। व्यापारी जब तक वहां रहा भोज का...

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रूपान्तरण कैसे हो

🔴 एक शिष्य ने अपने गुरुदेव से पूछा- “गुरुदेव, आपने कहा था कि धर्म से जीवन का रूपान्तरण होता है। लेकिन इतने दीर्घ समय तक आपके चरणों में रहने के बावजूद भी मैं अपने रूपान्तरण को महसूस नहीं कर पा रहा हूँ, तो क्या धर्म से जीवन का रूपान्तरण नहीं होता है?” 🔵 गुरुदेव...

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