ओशो के सर्वश्रेष्ठ विचार Osho quotes in Hindi

 ओशो एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु (spiritual teacher ) थे जिनके अनुसरण करनेवाला शिष्य (followers) पूरी दुनिया में फैले हुए हैं.अपने खुले विचारों की वजह से जहाँ उन्हें लाखों शिष्य मिलें वहीँ कई मंचों पर उनकी निंदा भी हुई. उनकी मृत्यु के वर्षों बाद भी उनका साहित्य लोगों तक उनके सन्देश पहुंचा रहा है और लोगों का मार्गदर्शन कर रहा है.

  

suvichar

 

ओशो के सर्वश्रेष्ठ विचार
Osho Quotes in Hindi




Osho Suvichar:- अज्ञानी बने रहना अच्छा है, कम से कम अज्ञान तो इसमें आपका होता है. ये प्रामाणिक है, यही सच, वास्तविकता और इमानदारी है.
 
Osho Suvichar:- यदि आप प्यार से रहते हो, प्यार के साथ रहतो हो, तो आप एक महान जिंदगी जी रहे हो, क्योकि प्यार ही जिंदगी को महान बनाता है.
Osho Suvichar:- जब मै ये कहता हु की तुम ही भगवान हो तुम ही देवी हो तो मेरा मतलब यह होता है की तुम्हारी संभावनाये अनंत है और तुम्हारी क्षमता भी अनंत है.
 
Osho Suvichar:- असली सवाल यह है की भीतर तुम क्या हो ? अगर भीतर गलत हो, तो तुम जो भी करगे, उससे गलत फलित होगा. अगर तुम भीतर सही हो, तो तुम जो भी करोगे, वह सही फलित होगा.
Osho Suvichar:-  कर्म नहीं बांधते, करता बांध लेता है, कर्म नहीं छोड़ता है,करता छुट जाये तो छुटना हो जाता है.
 
Osho Suvichar:-  जो विचार के गर्भाधान के विज्ञान को समझ लेता है वह उससे मुक्त होने का मार्ग सहज ही पा जाता है.
Osho Suvichar:-  समर्पण तो वह करता है, जो कहता है की मेरे पास तो कुछ भी नहीं है, मै तो कुछ भी नहीं हु – जो दावा कर सकू की मुझे मिलना चाहिए. मै तो सिर्फ प्रार्थना कर सकता हु, मै तो सिर्फ चरणों में सिर रख सकता हु,मेरे पास देने को कुछ भी नहीं है.
Osho Suvichar:- यदि आप खुद अपनी कंपनी का आनंद नही लेते हो. तो कोई और उस से आनंदित कैसे हो सकता है?
 
Osho Suvichar:- वह इंसान जो अकेले रहकर भी खुश है असल में वही इंसान कहलाने योग्य है. यदि आपकी ख़ुशी दूसरो पर निर्भर करती है तो आप एक गुलाम हो. अभी आप पूरी तरह से मुक्त नही हुए हो अभी आप बंधन (गुलामी) में बंधे हो.
 
Osho Suvichar:- आत्महत्या आपको कही नही ले जाती. साधारणतः यह हमें हमारी चेतना (गर्भाशय) में छोटे रूप (स्तर) में ले जाती है. क्यू की आत्महत्या से ये साबित होता है की हम बड़े रूप (स्तर) में जीने के काबिल नही है.

Osho Suvichar:-  शुद्र का अर्थ है – प्रमादी. शुद्र का अर्थ है – सोया हुआ. शुद्र का अर्थ है – आलस्य, तमस से घिरा हुआ. शुद्र का अर्थ है – जो कुछ भी नही कर रहा है, न बाहर जा रहा है न भीतर जा रहा है,जो प्रमाद में, अंधेरे में सोया रह गया है.

Osho Suvichar:- आपका विवाह राजनितिक शासन करने का छोटा रूप है. जिसमे आपके माता और पिता छोटे राजनेता होते है.

Osho Suvichar:- श्रेष्टता से सोचने वाला हमेशा तुच्छ कहलाता है, क्योकि ये एक ही सिक्के के दो पहलु है.
Osho Suvichar:- वह इंसान जो भरोसा करता है वह जिंदगी में आराम करता है. और वह इंसान जो भरोसा नही करता वह परेशान, डरा हुआ और कमजोर रहता है.
Osho Suvichar:- त्यागी कभी समर्पित नहीं होता, त्यागी आदमी कभी समर्पण नहीं करता वह कहता है की मेरे पास कारन है, मैंने इतना छोड़ा अब मुझे मिलना चाहिए.
Osho Suvichar:- मुझे आज्ञाकारी लोगो जैसे अनुयायी नही चाहिये. मुझे बुद्धिमान दोस्त चाहिये, जो यात्रा के समय मेरे सहयोगी हो.
Osho Suvichar:- आपका स्वर्ग और आपकी ख़ुशी हमेशा कही ना खी होती ही है. ये कभी वहा नही मिलेंगी जहा आप हो. एक सच्ची ख़ुशी हमेशा ‘यहाँ’ होती है, और ‘अभी’ होती है.
Osho Suvichar:- एक शराबी बने, जिसमे जीवन के अस्तित्व की शराब को पिए. कभी भी मासूम ना बने, क्योकि मासूम हमेशा मरे हुए होते है.
Osho Suvichar:- अनुभूति को दो शब्द देते ही विचार का जन्म हो जाता है. यह प्रतिक्रिया, यह शब्द देने की आदत अनुभूति को,दर्शन को विचार से आच्छादित कर देती है. अनुभूति दब जाती है, दर्शन दब जाता है और शब्द चित्त में तैरते रह जाते है. ये शब्द ही विचार है.
Osho Suvichar:- जिंदगी एक आइना है, जो हमारे ही चेहरे की प्रतिकृति दिखाता है. जिंदगी में हमेशा दोस्ती से रहे तब तभी आपके जीवन में मित्रता बनी रहेंगी.
Osho Suvichar:-  आपका दिल ही आपका सबसे बड़ा शिक्षक है, आपको उसी की सुननी चाहिये. लेकिन जीवन की यात्रा में आपका अंतर्ज्ञान ही आपका शिक्षक होता है.
Osho Suvichar:-  वह इंसान जो अकेले रहकर भी खुश है असल में वही इंसान कहलाने योग्य है. यदि आपकी ख़ुशी दूसरो पर निर्भर करती है तो आप एक गुलाम हो. अभी आप पूरी तरह से मुक्त नही हुए हो अभी आप बंधन (गुलामी) में बंधे हो.
Osho Suvichar:-  एक बच्चे को विशाल एकांतता की जरुरत होती है, उसे ज्यादा से ज्यादा एकांतता में रहने देना चाहिये, ताकि वह अपनेआप को विकसित कर सके.
Osho Suvichar:- अपने रिश्ते में हमेशा सुखद रहे, तन्हाई में हमेशा सतर्क रहे. ये दोनों बातो आपके लिए हमेशा मददगार साबित होंगी क्योकि ये बाते एक पक्षी के दो पंखो के समान है.
Osho Suvichar:-  सिर्फ आपके पाप ही आपको दुखी कर सकते है. जो आपको अपने आप से दूर ले जाने की कोशिश करते है, ऐसी चीजो को अनदेखा करना ही बेहतर होंगा.
Osho Suvichar:- आपके सारे विश्वास आपका दम घोटते चले जाते है (विकास रोकना) और सारे विश्वास आपको जिंदा भी नही रख सकते. आपका विश्वास ही आपके जीवन को मारता है.
Osho Suvichar:- जीवन एक उद्देशहीन खेल है, ये एक अनगिनत सेनाओ का खेल है – जो सुन्दर होंगा यदि आपके पास सफल इंसान का दिमाग ना हो तो और बदसूरत होंगा यदि आपके पास कुछ बनने की चाह हो तो.
Osho Suvichar:- आधे-अधूरे ज्ञान के साथ कभी आगे ना बढे. ऐसा करने पर आपको लगेंगा की आप अज्ञानी हो, और अंत तक अज्ञानी ही बने रहोंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top